“एक अवकाश”

विद्यालय से अवकाश लेकर,
हमने बहुत आराम किया
सारे ताम-झाम से मुक्ति लेकर,
कल, ना कुछ भी काम किया
बचपन की एक सखी से,
दूरभाष पर बात करी
कुछ अपनी कही, कुछ उसकी सुनी
ख़ूब खुश और मस्त रही
लेकिन मेरा ही अवकाश था,
मैनें तो आराम किया,
कुछ सखियों को काम बहुत था
कुछ सखियां व्यस्त रहीं..

*****✍️गीता

Comments

6 responses to ““एक अवकाश””

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद ऋषि जी

  1. बहुत बढ़िया👌👌👌

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद प्रज्ञा

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

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