पहले तुझसे बात करने से पैर कॉप ते थे
लैब थर थरा उठते थे
पर कभी तुझे बोल ना सका
दिन तेरे दिदार की चाहत में होती थी
हर किसी से मुस्कुराहट से बात होती थी
पर कभी तुझे बोल ना सका
इस एक तरफा प्यार की ताकत को
कम ना समझो साहब
यह प्यार बट ता नहीं यह पूरा होता है
इसमे खोने का दर्द है पाने की आस है
इस पाने की आस में ज़िन्दगी बर्बाद
ज़ीद पे आजाओ आबाद हो जाती है
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