ऐसा कोई लम्हा नहीं गुज़रता जब सांसों से मेरी उसकी यादें ना गुज़रती हो__
ये बात और हैं एहसासों से मेरे वो अंजान हैं मगर हालात-ए-जिस्त ये हैं की वही ज़िन्दगी हैं मेरी वही अरमान हैं-
-PRAGYA-
एहसास-ए-ज़िदगी
Comments
5 responses to “एहसास-ए-ज़िदगी”
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Wah
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Nice
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Nice
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Good
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वाह बहुत सुंदर
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