एहसास-ए-ज़िदगी

ऐसा कोई लम्हा नहीं गुज़रता जब सांसों से मेरी उसकी यादें ना गुज़रती हो__
ये बात और हैं एहसासों से मेरे वो अंजान हैं मगर हालात-ए-जिस्त ये हैं की वही ज़िन्दगी हैं मेरी वही अरमान हैं-
-PRAGYA-

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