फूलों ने पंखुड़ियों का
हार बना कर पहना है
प्रकृति की हरियाली का
आज यही बस कहना है
परियों के गहनों में
सोने के बूटे पड़े हैं
हम पत्तों के हारों में
ओस मोती जड़ें हैं
वीरेंद्र सेन प्रयागराज
ओस के मोती जड़े हैं
Comments
6 responses to “ओस के मोती जड़े हैं”
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वाह क्या बात है!
ओस के मोती जड़े हैं
लाजवाब-

बहुत बहुत धन्यवाद
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आभार
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प्रकृति का बहुत ही सुन्दर चित्रण , उम्दा लेखन
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आपका आभार
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बहुत खूब
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