सावधान

अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करने आए हैं हम नौजवान देख रहा नतमस्तक होकर अपनी  दिलेरी आसमान भारत के लाडलें हम मातृभूमि पर प्राण चढ़ाएं तन मन…

सोच

चाहोगे जीतना तभी जीत पाओगे मानोगे अपने हैं तभी अपनाओगे लोभ और ईर्ष्या के दलदल से जब तक निकलने की सोच ना होगी मन के…

उम्मीद

यह जो नाजुक सा दौर है आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो जाएगा बस उम्मीदों का दीपक तुम यूं ही आगे भी जलाए रखना। वीरेंद्र सेन प्रयागराज

इम्तहान

भोग विलास के लिबास पहनकर कब तक खुद से प्यार करोगे काम क्रोध ईर्ष्या को त्यागो जीवन का भव पार करोगे माया मोह के इम्तहान…

खता

लम्हों ने खता की है सजा हमको मिल रही है ये मौसम की बेरुखी है खिजां हमको मिल रही है सोचा था लौटकर फिर ना…

पर्यावरण

पर्यावरण के असंतुलन की तस्वीर हर ओर दिखने लगी है जिंदगी जीने की एक नई परिभाषा चहुं ओर लिखने लगी है विकट गर्मी का परिणाम…

बाट

राधा ने सिर पर धर मटकी बैठी छांव तले वट की जोह रही है श्याम को अखियां दिन बीता अब बीती रतियां श्याम बिना निष्प्राण…

परिणीता

प्रिय की प्रियतमा बनकर आनंदमय जीवन का सूत्रधार बनो अशोविता हो एक सशक्त जीवन एक ऐसा ही तुम सार बनो संलग्न कर जीवन तुम अपना…

चाहत

आंखों में शर्म पलकों में हया लब पर मोहब्बत की दास्तां है आपके दिल से शुरू मेरा सफर आपकी बाहों में ही खत्म मेरा रास्ता…

रानी बिटिया

मम्मी की मैं रानी बिटिया पापा कहते सयानी बिटिया धमा चौकड़ी भागम – भाग कूद – कूद कर करती बात कहती मम्मी कहो कहानी जिसमें…

मेरा विचार

न ही मंदिर का न मस्जिद का इस दुनिया को इंतजार है गरीबों के लिए बने शिक्षा का आलय यह मेरा अपना विचार है। वीरेंद्र…

डर

बहक ना जाएं कहीं कदम हमारे डरते हैं इसी बात से हम क्योंकि गुजरते हैं हर रोज हम भी मैखानें के करीब से। वीरेंद्र सेन…

तेरा जवाब

ऐ खूबसूरत बहारों की मलिका कहां से लाऊं ढूंढ कर तेरा जवाब आसमां में चमकता है जो चांद लगा है उसमें भी दाग। वीरेंद्र सेन…

विरासत

जब मां की कोख में मेरी जिंदगी पल रही थी मेरे बाप की चिता भी श्मशान में जल रही थी जब हमने इस दुनिया में…

तिलक

विजय श्री का तिलक तभी तो लगेगा जब बन के चट्टान अग्नि पथ पर चलेगा कमजोर खुद को समझना है भूल कीचड़ में भी तो…

भक्ति

ईश्वर की भक्ति में छिपा है जीवन का आनंद शब्दों को ताकत देता है जैसे अलंकार और छंद उसके बिना इस जीवन में कुछ भी…

पिया मिलन

नहीं भुलाई जाती वो पिया मिलन की रात उस रोज पहली बार की हमने आंखों से बात सुहाग सेज के फूलों ने जाने कैसा जादू…

सरहद

सौ दफा मैं हारा बेशक जिद है फिर भी जीत की सरहद नहीं होती कोई परिंदों और प्रीत की। वीरेंद्र सेन प्रयागराज

न दिखे

हमें मालूम होता अगर उनकी आदत है रूठ जाने की तो हम कभी परवाह ना करते इस जमाने की । तोड़कर दुनिया की सारी रस्में…

जवां दर्द

तन्हाई के आलम में घुट-घुटकर जब दर्द जवां होता है चाहत में खिले फूलों का पत्थर पर निशां होता है । टूट कर बिखरने से…

महत्व

लड़की है तो क्या हुआ हम भी लिख पढ़ ले अगर दुनिया के दरवाजे खुलेंगे मिलेगी हमको भी डगर विद्या में है ताकत कितनी बात…

जेड प्लस

सुंदर महिलाओं की सुरक्षा पर संसद में एक बिल पास हुआ पास होते ही बिल देश के कोने कोने में खास हुआ सरकार बोली सुंदर…

इजाजत

आपकी आंखों में खोना चाहता हूं आपकी जुल्फों में सोना चाहता हूं । अर्जी डाल रखी है हमने भी इजाजत की मंजूरी मिल गई, तो…

पगडंडियां

पगडंडियां जिंदगी के सफर में बहुत कुछ सिखा जाती हैं। कभी नफरत के साए में जीना कभी प्यार का पाठ पढ़ा जाती हैं। जिंदगी की…

मोहब्बत

ये पता है कि दुश्वारियां बहुत हैं मोहब्बत की पथरीली राहों में । न जाने फिर भी क्यों बेचैन रहता है दिल सिमटने को किसी…

हालात

आप चाहते तो हालात बदल सकते थे, आप के आंसू मेरी आंखो से निकल सकते थे । मगर आप तो ठहर गए झील के पानी…

ऐ सनम

जब से देखा तुमको ऐ सनम, हमसे ही दिल हमारा नहीं जाए संभाला । रात आंखों में ही कट जाती है, लगता है नींद ने…

गुल्लक

खुशियों की गुल्लक टूट गई जब अपनों से ही शूल मिला विश्वास करें भी तो कैसे जब कांटो में लिपटा फूल मिला। सगे-संबंधियों ने मुंह…

बेटी

पापा के लिए तो परी हैं बेटियां हर दुख दर्द में संघ खड़ी है बेटियां फिर क्यों कहते हैं कि तू धन है पराया क्यों…

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