10 Comments

    1. बहुत धन्यवाद। कवि को अपनी संवेदना जरूर लिखनी ही होगी, संवेदना को कविता में व्यक्त कर कवि को आनंद की अनुभूति होती है।
      स्वान्तः सुखाय तुलसी रघुनाथ गाथा।
      —- आम जीवन का दर्द लिखना ही होगा। कलमकार को रोशनी बिखेरनी ही होगी।
      समीक्षागत टिप्पणी हेतु आपका आभार गीता जी

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