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  1. ममता की मूरत है तू
    निज प्राणों की सूरत है तू
    हे ममता की मूरत !
    लक्ष्मी की सूरत है तू
    तूने हमको जन्म दिया
    खाने को मीठा भोग दिया
    महीने रखकर पेट में तूने
    अपने रक्त से यह जीवन सिंचित किया।।
    सच ही तो लिखा है आपने हमारी जिंदगी माँ से ही होती है मां के लिए इतना प्रेम देखकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा माँएक ऐसी पाठशाला है
    जहां हम मानवता सीखते हैं।।

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