कब तलक

कब तलक फूंकती रहेंगी गाड़ियां
कब तलक यह आग सी मन में रहेगी,
कब तलक सब ठीक होगा देश में,
कब दिखेंगे लोग सच्चे वेश में।

Comments

6 responses to “कब तलक”

  1. Geeta kumari

    समसामयिक घटना पर चिंता व्यक्त करती हुई कवि पीयूष जी की बहुत यथार्थ परक रचना। उम्दा प्रस्तुति

  2. सत्य वचन 100%

  3. बहुत ही बेहतरीन रचना, अति उत्तम

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