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  1. कभी सद्कर्मों की खुशबू
    कभी गलत कार्य के काँटे
    ईश्वर ने मानव को फल सब
    कर्मों के अनुसार ही बांटे।
    ___________ संपूर्ण कविता बहुत सुंदर है और एक गहराई लिए हुए हैं जैसे संपूर्ण जगत का ज्ञान जैसे एक कविता में ही समा गया है। गागर में सागर है सतीश जी की यह रचना, बहुत सुंदर शिल्प और भाव सहित, बहुत सुंदर साहित्य , लाजवाब अभिव्यक्ति ..वाह

  2. कभी सद्कर्मों की खुशबू
    कभी गलत कार्य के काँटे
    ईश्वर ने मानव को फल सब
    कर्मों के अनुसार ही बांटे।
    ___________ संपूर्ण कविता बहुत सुंदर है और एक गहराई लिए हुए है। संपूर्ण जगत का ज्ञान जैसे एक कविता में ही समा गया है। गागर में सागर है कवि सतीश जी की यह रचना, बहुत सुंदर शिल्प और भाव सहित, बहुत सुंदर साहित्य , लाजवाब अभिव्यक्ति ..वाह

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