4 Comments

  1. “लेकिन किसी धनहीन का सहारा बन न पाये गर
    कमाया क्या भला हमने।भलाई साथ जाती है”
    बहुत ही उच्च स्तरीय विचार और उत्तम लेखन है। कवि सतीश जी ने कविता के माध्यम से समाज को संबोधित करते हुए कहा है कि यदि आप सक्षम है तो किसी धनहीन का सहारा बनें। सुन्दर शिल्प, काबिले तारीफ़ रचना

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