यूँ तो किसी के गिरेवान में मत झाँकना ।
झाँककर भी किसी को कम नहीं आँकना।
गिरिवर उठाने वाले से बचाकर माखन
क्योंकर छीका नित -नित ऊँचा टाँगना।।
कम नहीं आँकना
Comments
5 responses to “कम नहीं आँकना”
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Wah
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बहुत सुंदर
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Nice
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Nice
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Good
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