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  1. चाँद को देखा और छुप गई
    अपनी चादर में प्रज्ञा

    पीपल की टहनी को हटाकर
    चाँद ने झाँका जब मुझको

    मैं भोली फिर थोड़ा मुसकाई
    मुझको जब आई लज्जा
    अति उत्तम रचना
    सुंदर शिल्प नई उपमा का प्रयोग करके आपने चाँद को और खूबसूरत कर दिया है प्रज्ञा मैम..👏👏👏👏👏

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