कर्म का पेड़

कर्म का पेड़, खुदा के जैसा,
परख के फल वो देता है,
किसी को कड़वा, किसी को मीठा,
मगर मिलता हमेशा मेहनत का है।

Comments

14 responses to “कर्म का पेड़”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    इंसान जैसे कर्म करता है वैसे ही फल पाता है, बहुत सुंदर भाव

    1. बहुत बहुत आभार सर
      हौसला अफजाई करने के लिए

  2. Priyanka Kohli

    बहुत सुन्दर

  3. Neetu Mishra

    Karman ki gati niyaari. Taare na Tari.
    Aapki poem k bhi kuch ese hi bhawart hai. Atisundar.

  4. बहुत बढ़िया कर्म ही पूजा है

  5. Anonymous

    बहुत ही अच्छी कविता है!

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