जीवन संघर्षों का नाम
बिना किए कुछ भी न मिला है, करना होगा काम।
कर्मों का फल देता ही है, देने वाला राम।
जिसको पाने में कठिनाई, उसका ऊँचा दाम।
पूरब हो पश्चिम हो या फिर, दक्षिण हो या वाम।
राज कर्म का है धरती पर, कर ले अच्छा काम।
कर ले अच्छा काम
Comments
One response to “कर ले अच्छा काम”
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पूरब हो पश्चिम हो या फिर, दक्षिण हो या वाम।
राज कर्म का है धरती पर, कर ले अच्छा काम।
_____________ सदैव कर्म करने को प्रेरित करते हुए कवि सतीश जी की अत्यंत श्रेष्ठ रचना, अति उत्तम लेखन
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