कविता किया करो

छोंड़कर बातें पुरानी
कविता किया करो।
सपनों में नहीं
हकीकत में जिया करो।
तोड़ दे दिल कोई तो
खैर तुम उसकी मनाओ
दिल के लिए अच्छा
यही है कि
पुरानी बातों पर
मिट्टी डाल दिया करो।

Comments

10 responses to “कविता किया करो”

  1. This comment is currently unavailable

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Geeta kumari

    बिल्कुल सही कहा…nice👏

  4. Priya Choudhary

    Nice

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