……..दर्शन…….
यह अति नूतन दर्शन है
पावन यह परिवर्तन है |
सर्वोत्तम ज्ञान का दर्पण
है दिव्य दान यह धन है ||
इसका उत्थान इसी में
नित नव्य कला साधन है |
है ज्ञान तभी जीवन है
यह मुक्ति हेतु बंधन है ||
उपाध्यायय…
कविता
Comments
One response to “कविता”
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umda lines…
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