कविता

कविता तुम ही तो
साथी हो, संवेदना हो,
प्रेम हो, लगाव हो,
जुड़ाव हो,
भावों का प्रवाह हो।
बिछुड़न की आह हो,
दिल की चाह हो।
संगीत की गान हो,
सुर की तान हो,
शरीर में जान हो,
जीवन का अरमान हो,

Comments

2 responses to “कविता”

  1. कविता पर बहुत सुन्दर कविता, अति उत्तम लेखन

  2. Satish Chandra Pandey

    बहुत बहुत धन्यवाद

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