मुसीबत आई है मगर रोक नहीं पाएगी चाल को
भेदन करना आता है हमे चक्र व्यूह के जाल को
महामारी क्या डराएगी हम सब तैयार है निपटने
करके पूजन रिझाएंगे हम कालो के काल को
कालो के काल
Comments
3 responses to “कालो के काल”
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बहुत सुंदर
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बहुत खूब
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सुंदर अभिव्यक्ति
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