तू मेरी आदतों की तरह
मेरे पास रहता है
हो कितना दूर भी
मेरे साथ रहता है
किस्मत को नामंजूर था
हमारा मिलन
तू मर कर भी मेरी
हर धड़कन में रहता है।।
किस्मत को नामंजूर था।
Comments
2 responses to “किस्मत को नामंजूर था।”
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अतिसुंदर भाव
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शुक्रिया आपका
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