है पता मुझे अब
उनकी चाहतों का
अहसान की सूची में
इक नाम बढ़ गया है
पता चला है मुझको
देर से सही लेकिन
अपनी नज़र में मेरी
भरोसा बढ़ गया है
प्यार हुआ शादी हुई
मशहूर लब्ज हैं लेकिन
शादी के बाद प्यार हो
नशा सा चढ़ गया है
देखा है प्यार खोकर
टूटते हुए सब को या रब
हारकर भी जीतने का
रिवाज बिल्कुल नया नया है
उम्र बिता दी सारी
भरोसा जीतने ही में
प्यार पूछता है अब मुझसे
किस पर फिदा हुआ है
दिल के करीब है जो
जीवन का है सहकारी
कैसे बताऊं उसको मैं
बस तेरा ही नशा चढ़ा है
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