6 Comments

  1. गरीब व्यक्ति को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सत्ता में कौन है
    कौन नहीं ,वो बेचारा तो अपने व अपने परिवार की सुरक्षा के साधन मुहैया करने की बाट जोहता है, यही सोच दर्शाती हुई कवि सतीश जी की बेहद संजीदा रचना
    ” भूखे भजन ना होई गोपाला,
    यह ले अपनी कंठी माला ” ये कहावत को चरितार्थ करती हुई बहुत सुंदर कविता

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