8 Comments

  1. बहुत खूब, जीवन की तुलना दीवारों से करती हुई बहुत सुंदर कविता
    दीवारों का सुंदर मानवीकरण

  2. दीवारों पर भी कविता बन सकती है वह भी इतनी भावयुक्त मैं सोंच भी नहीं सकता था और आपने कर दिखाया
    कवि को हमेशा कुछ नवीन सृजन करना चाहिए
    आप यह बखूबी समझती हैं

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