कुछ रातें ऐसी होती हैं
जो कयी नये स्वप्न दिखाती हैं
जिन्हें पाने की मन में
जीजिविषा जगाती हैं ।
कुछ रातें ऐसी भी होती हैं
एक अपूरणीय क्षति कर जाती हैं
जिसकी वेदना से उठती टीस
हर रात जगाती हैं ।
कुछ रातें ऐसी होती हैं
Comments
4 responses to “कुछ रातें ऐसी होती हैं”
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Very nice👏👍
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सादर आभार
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अतिसुंदर
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सादर आभार
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