कौन हूँ मैं

जगमग ये संसार सारा
शोरो गुल से भरा,
डरा डरा सा सहमा सा
मौन हूँ मै
दुनिया सारी मतलबी सी
सबकी अपनी है पहचान
मैं सोचु एक पल बैठ जरा
दुनिया में आया किस लिए
कौन हूँ मैं

Comments

3 responses to “कौन हूँ मैं”

  1. Satish Pandey

    बहुत खूब, keep it up

  2. पुनरुक्ति अलंकार का सुंदर प्रयोग

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