क्या कहे, क्या लिखे

क्या कहे, क्या लिखे
लफ़्ज है ही नही,
जो समेट सके जज्बातों को|
नहीं कोई जो समझ सके
हमारे अजीब से हालातों को |

Comments

2 responses to “क्या कहे, क्या लिखे”

  1. Udit jindal Avatar
    Udit jindal

    nice one

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close