अरसे बाद वह सामने आए मुसकराए, बात की, जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं बुत बने हम देखते रह गए, साँस भी न ले पाए जैसे वक्त भी रुक गया उनके आ जाने से कहने लगे […]
अरसे बाद वह सामने आए मुसकराए, बात की, जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं बुत बने हम देखते रह गए, साँस भी न ले पाए जैसे वक्त भी रुक गया उनके आ जाने से कहने लगे […]
जिन्हें हम याद करना नहीं चाहते उन्हे ही भुला नहीं पाते जो पल भूल गए हैं उनका अहसास भुला नहीं पाते၊ आँसू जो अब तक बहें नहीं उन्हें सुखा नहीं पाते जो सूख चुके हैं […]
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