खव्वाइश।

इस ख्ववाइशो की समंदर ने चखना-चुर किया है,
अपने मीठी धारा मे फसाकर लहुँ-लुहाँन किया है।
ज्योति

Comments

2 responses to “खव्वाइश।”

  1. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

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