खामोश रिश्ते

खामोश हम भी थे तुम भी थे
और यह ख़ामोशी रिश्ते को खत्म कर गई

दोनों एक दूसरे के लिए तड़पते रहे
पर यह ख़ामोशी दोनों को रास आ गई

सारे वजूहात छोटे थे
पर संदेह के आगे दोनों हार गए

Comments

12 responses to “खामोश रिश्ते”

  1. वाह वाह, बहुत खूब

    1. Antariksha Saha Avatar

      ध्न्यावाद

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Antariksha Saha Avatar

      ध्न्यावाद

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