चलो छुपा कर रखते हैं,
खुशियों के बीज ,
बो देंगे कभी;
अगर गम बढ़ जाए,
ज़रा हंस लेना तुम ,
और हम भी मुस्कुराएं
खुशियों के बीज
Comments
13 responses to “खुशियों के बीज”
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी
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बहुत सुंदर प्रस्तुति
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Thank you
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धन्यवाद मैम
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वाह क्या कहने प्रतिमा जी।
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धन्यवाद सर
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वाह
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धन्यवाद सर
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very nice
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धन्यवाद जी
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