ख्वाहिश है बहुत दिल की
आंखो में गम है बहुत
ज़हन में है इक अजीब सी खामोशी
होती है घुटन हरदम
अब नहीं ख्वाहिशों का कत्ल करने को जी करता है
खामोशी को चीरने को जी करता है
इक बार मुस्कुराने की ख्वाहिश है
ख्वाहिश है बहुत दिल की
Comments
10 responses to “ख्वाहिश है बहुत दिल की”
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इक बार मुस्कुराने की ख्वाहिश है………..bht khhob 🙂
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thanks
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Smile Anu 🙂 And the world smile with you 😀
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thanks ankur
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cute poem
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thanks
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nice
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thanks
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वाह
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Very nice
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