गजल

✍? गजल ?✍
—–(*)—–

जग मे कुछ कर जाना जरूरी है
जीवन मे मुस्कुराना जरूरी है

चाहे हो कष्ट संकट गहनतम
धैर्य से निकल जाना जरूरी है

जग का काम है करना अवरोध
बुद्धि से पार पा जाना जरूरी है

हर नेक काम का होता है विरोध
समझ से निखर जाना जरूरी है

मानव का लक्ष्य है आगे बढना
मनोबल से राह पाना जरूरी है

श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ (छग)
✍????✍

Comments

3 responses to “गजल”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close