1857 में अंग्रेजों से लड़ कर एक जीती जंग निराली थी,
जिसमे शामिल भगत राज गुरु झांसी वाली रानी थी,
देश को स्वतंत्र कराने की जैसे सबने मन में ठानी थी,
फिर गणतंत्र राज में लहराने को तिरंगा लिखी गई कहानी थी ,
संविधान में शामिल कर अधिकारों की रक्खी गई नीव सयानी थी,
गणतन्त्र राज लोकतन्त्र ग्रन्थ की गुत्थी जब सुलझानी थी,
सबसे बड़े लिखित संविधान की रचना में अम्बेडकर को कलम चलानी थी,
खुले आसमाँ में हम सबको जब लम्बी सांस दिलानी थी,
तब धर्मनिरपेक्ष गणतन्त्र बनाकर हमने 26 जनवरी मनानी थी।।
गणतन्त्र
Comments
12 responses to “गणतन्त्र”
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Dish Bhakti ki nirali bhavna
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Thank you
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Bahut khoob
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बहुत खूब
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Thank you
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वाह
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Awsm.
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Awesome
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nice
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Nice sir
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superb
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Nice
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