गाँधी

⏱गाँधी⏱
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ये गाँधी की धरती है,
राम रहमान भी बसते है,

साफ नियत बनते है,
ये गाँधी के चश्मे से,

हाथ थामे जो डंडे को,
नेक पथ पर ओ चलते है,

ओढ़े जो खादी को,
सत्य अहिंसा बात बोलते है,

कमर में लटके घड़ी जो,
समय की पाबंद बनते है,

हाथ मे रखे गीता ओ,
समरसता की पाठ पढ़ाते है,

तेरे ये तीन बंदर जो,
न कह न सुन न देख बुराई को,

ये इसको अपनाता है,
गाँधी के पथ पर चलता है,

ये फकीरी तेरे जीवन तो,
स्वच्छता की राह बताते है,

आज गाँधी की जरूरत है,
फैले भ्रष्टाचार मिटाने को,

ये गाँधी की धरती है,
राम रहमान भी बसते,

Comments

5 responses to “गाँधी”

    1. धन्यवाद सर

  1. Geeta kumari

    महात्मा गांधी जी के जीवन पर आधारित बहुत सुंदर कविता

    1. धन्यवाद मेडम जी

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