रुदन कर रही देखो प्यारे
गौ माता निज राहों में
अपने बछड़े को मनुहार से बुलाती
आजा प्यारे बाहों में
अब यह दुनिया नहीं रही
विश्वास के लायक
गौ माता बस एक जानवर
हो चाहे जितनी फलदायक
मिले अगर मौका तो मुझको
मार मार खा जाते हैं
दुनिया के सामने मगर
गौ रक्षा चिल्लाते हैं
पापी दुनिया, पापी पालक
पापी इनकी सोंच है
गौ माता निकले राहों में
दिल में लिये संकोच है।।
गौ माता
Comments
4 responses to “गौ माता”
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वाह बहुत खूब
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर प्रस्तुति
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अति उत्तम
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