चमकता जिस्म, घनी जुल्फ़े

चमकता जिस्म, घनी जुल्फ़े, भूरी भूरी सी आंखे
यही है वो मुज़रिम जिसने कत्ल ए दिल किया है

– Panna

Comments

2 responses to “चमकता जिस्म, घनी जुल्फ़े”

  1. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close