नई सुबह की
पहली किरण ने मुझे जगाया
हिलोरे देकर चांदनी रात ने था सुलाया
हटाये पर्दे जब माँ ने खिड़कियों से
धूप की चमकती किरणों ने
मुझे सहलाया…
चमकती किरणों ने मुझे सहलाया
Comments
6 responses to “चमकती किरणों ने मुझे सहलाया”
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अतिसुंदर भाव
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धन्यवाद
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वाह वाह
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धन्यवाद
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Thanks
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