चाहे कितनी नफ़रत कर लो हमसे

चाहे कितनी नफ़रत कर लो हमसे
तेरे दिल को अपना बनाकर रहेगें

बहुत रो चुकी है आंखे हमारी
तेरी आंखों से आंसू हम गिराकर रहेंगे

चाहे कितनी भी अंधेरी हो जिंदगी की रातें
शम्मां महोब्बत की हम जला कर रहेगें

फासले बना लो चाहे कितना भी हमसे
ये फ़ासले, हम मिटा कर रहेगें

Comments

4 responses to “चाहे कितनी नफ़रत कर लो हमसे”

  1. Anjali Gupta Avatar
    Anjali Gupta

    beautiful 🙂

  2. Pankaj Soni Avatar
    Pankaj Soni

    Bhut hi lajwab

  3. Satish Pandey

    बहुत खूब

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