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  1. नारी के प्रति अपने बहुत ही सुन्दर भाव में कविता को अंजाम दिया है। नारी की अभिलाषा जिस दिन पुरुष समझ जाएगा उस दिन से नारी पर जुल्म होने का अंत भी हो जाएगा

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