चुप्पियों को मेरी कमजोरी न समझ ले कोई,
तो आज कल ज़रा ज्यादा बोलने लगा हूँ मैं।।
– राही (अंजाना)
चुप्पियों को मेरी कमजोरी न समझ ले कोई

Comments
6 responses to “चुप्पियों को मेरी कमजोरी न समझ ले कोई”
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Very good
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Thank you
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Kya bat hai
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Thank you
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Wlcm
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Very nice
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