लेखनी चलती है
घमंड चूर करती है,
जो उड़ता है हवा में ज्यादा
उसे जमीं में आने को
मजबूर करती है।
चूर करती है
Comments
4 responses to “चूर करती है”
-

Exactly 100%truth
-
Great analysis
-
वाह
-

लेखनी जब चलती है घमंड चूर करती है
जो कह ना पाए जुबां, वह भी कहनें का हुनर रखती है
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.