छल की दोस्ती

छल का चेहरा आलिंगन करने चला है
हार के डर से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है
मुह में राम नाम बगल में छूरी है
वैर भाव अच्छा है दिल दोस्ती से घबराता है

Comments

3 responses to “छल की दोस्ती”

  1. बहुत खूब लिखा है आपने 

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