छूटे सभी सहारे

मेरे जीवन की एक वक्त के सत्य घटना को साझा करता ये गीत –

सहारे अब सभी छूटे ना कोई काम आया है
पकड़कर प्रभु तेरा दामन तुझे अपना बनाया है।।

भरोसा दोस्तों पर था यकीनन काम आयेंगे
मगर जब थी जरुरत तब हमें सबने भुलाया है।।

देखकर दौर मुश्किल का कलेजा कंप गया मेरा
मदद मांगी मैने सबसे मगर कुछ ना पाया है।।

भूलकर स्वप्न सी दुनिया हकीकत में मुसीबत थी
अचानक वक्त ने हमको मुकद्दर तक सताया है ।।

लौटकर इस जमाने से तेरे आंचल मे आया हूं
आज आर्यन ने ह्रदय का राज सारा बताया है ।।

आर्यन सिंह यादव

Comments

3 responses to “छूटे सभी सहारे”

  1. वाह क्या बात है बहुत खूबसूरत 

    1. आर्यन सिंह कृष्णवंशी

      आभार

  2. Geeta kumari

    हृदय स्पर्शी पंक्तियाँ

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