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  1. तू कागज के सेतु, से स्वयं से मत कर छल,
    ऐसे कैसे पार, होगा लक्ष्य का पथ कल,
    *************बहुत सुंदर विचार प्रस्तुत करती हुई एक उच्च स्तरीय रचना, विद्यालय में भी शिक्षक विद्यार्थियों को यही समझाते हैं कि यदि आज नकल करोगे तो कल आगे नहीं बढ़ पाओगे। बहुत ख़ूब, श्रेष्ठ रचना लाजवाब प्रस्तुति

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