जख्म बाबस्ता है

जख्म बाबस्ता है तुम्ही से
और तू ही है इस दिल का मरहम
बस तुझे ही मागे ये दिल
तू ही है बस मेरा हमदम

Comments

4 responses to “जख्म बाबस्ता है”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुंदर पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close