जब किसी को चाहना खता हो जाती है

जब किसी को चाहना खता हो जाती है!
खुशी ज़िन्दगी से लापता हो जाती है!
बेनूर नज़र आती हैं महफिलें सभी,
साँस-ए-जिस्म दर्दों की पता हो जाती है!

Composed By #महादेव

Comments

2 responses to “जब किसी को चाहना खता हो जाती है”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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