“सज़ा”#2Liner-78

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ღღ__ख़ुदा से माँगते क्यूँकर, भला हम, दुआएँ उनके रोने की;
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वो इश्क करने लगें किसी से, सज़ा को इतना ही काफी है!!…..‪#‎अक्स‬

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Comments

One response to ““सज़ा”#2Liner-78”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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