3 Comments

  1. जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम
    तो क्यूँ जाये हम दुसरों के द्वार
    ______ बहुत सुंदर भावना से परिपूर्ण बहुत सुंदर रचना

  2. जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम
    तो क्यूँ जाये हम दुसरों के द्वार — 2
    ——————————————
    जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम..

    राम जी का आशीर्वाद होने पर किसी के
    सानिध्य की आवश्यकता नही होती..

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