vikash kumar's Posts

आज-न कल सबको सच की डोर में बँधना है

जय श्री सीताराम —————————— आज-न कल सबको सच की डोर में बँधना है झूठ गिराता, सच उठाता पूर्ववत् कर्म नर को बहकाता पर दृढ़-संकल्प ही नर को बचाता ——————————————— आज-न कल सबको सच की डोर में बँधना है ।।1।। ———————&#... »

चंद दिनों का मेहमान यहाँ सब

चंद दिनों का मेहमान यहाँ सब फिर जाना है सबको उसके दर आज किसी की बारी है, कल और किसी को जाना है, परसो अपनी बारी है .. ———————————– चंद दिनों का मेहमान यहाँ सब ।।1।। —————————————– कोई मैली अपना चादर करता कोई चादर को बचाये रखता जो नर जैसा करम है ... »

सब खेले होली खुद के संग में,

जय श्री सीताराम ——————— दुनिया लूटी अपनी करतुत से मैं लूटा अपनी विचार से कोई लूटे तो लूटे, अपनी करतूत से पर कोई ना लूटे, अपनी संस्कार से ।। (प्रवाह) —————————————- सब खेले होली खुद के संग में, कोई हँसे ना अपनी हस्त की लकीर पे. सब रंग रचते है दाता इस लोक में, और सब रंगों में भिंगत... »

जीना जरूरी है

जय श्री सीताराम ———————— जीना जरूरी है, मरना कायरों का काम है . प्रण का टूटना स्वाभाविक है, फिर भी उठना वीरों का काम है .।।1।। ————————————————- आलस मन और सुस्त तन उसका है, जिसने खूद पे वार किया, संहार किया. मगर समझा न खूद को, उसका समस्त जीवन बेकार है ।।2।... »

मेरे मालिक, मैं तेरा गुलाम हूँ ।।2।।

दुख की बदली छाई है मेरे सर पे सुख की चाह करता नहीं रब मैं तुम से तु चाहे जैसे रख ले, अपनी शरण में मैं वैसे रह लूँ, तेरी शरण में ——————————————– मेरे मालिक, मैं तेरा गुलाम हूँ ।।1।। —————————————————- तेरी मर्... »

बना दो बिगड़ी सबकी मेरे सरकार

बना दो बिगड़ी सबकी मेरे सरकार सब सर नवाते हैं, तेरे दर पर मेरे राम कोई तुझसे क्या माँगे, तुम किसी को क्या देते हो राम जो देते हो तुम वो दुनिया नहीं देते है राम ———————————– बना दो बिगड़ी सबकी मेरे सरकार सब सर नवाते हैं, तेरे दर पर मेरे राम ।।1।। ———————————̵... »

बदनामी का भय, न मान-हानि का डर .

बदनामी का भय, न मान-हानि का डर . वहीं है जग में सबसे ज्यादा प्रसन्न ।।1।। —————————————————— मन-माया से उपर है ब्रह्म । नर ही नारायण है, जब नर को ना हो मन-माया से डर ।।2।। ————————————————— ... »

किये पे रोना ही पड़ेगा

किये पे रोना ही पड़ेगा मायूस मन नीचे गिरायेगा ही, झूठ का साथ देना है आसान पर मुश्किल घड़ी में सच ही आयेगा काम ।।1।। ——————————————————— क्यूँ करते हो गलत काम जब सच ही आयेंगे काम छोड़ो झूठ अब तो सच अपनालो आज तो ।।2।। ——————————... »

ऐसी रंग में खोयेंगे

ऐसी रंग में खोयेंगे, अबकी बार होली में । जहां-की-सारी – की – सारी कोशिशें नाकाम होगी, हमें बेरंग करने में । जहां को ढ़ालेंगे, हम अपनी रंगों में । वो लाख कोशिश करेंगे, हम बेरंग करने की । फिर भी वह नाकाम रहेगी, हमें असफल करने में ।। ऐसी रंग में खोयेंगे, अबकी बार होली में । । विकास कुमार पिछले साल की रचना »

रंग नही हैं अब क्या जमाने में

रंग नही हैं अब क्या जमाने में कि लोग बेरंग हो गये जहां में ———————————- हाँ रंग ही नही, सब कुछ है जहां में फिर क्यूँ लोग भटक रहे है, मन के अँधियारों में ————————————————- अथाह रंग है नरों के जीवन में फिर क्यूँ बेरंग रिश्ते है मानवों के वि... »

करो परिश्रम कठिनाई से

तन है चोला मिट्टी का, वस्त्र तेरे कोई शान नहीं । मिट्टी में मिट्टी मिल जायेंगे , वस्त्र तेरे उतार लिये जायेंगे । कर लो सदुपयोग नर तन का, यहीं तो काम आवेंगे ।। ————————————— जो नर मिट्टी को मिट्टी समझे, कड़ी -धुप में अन्न उगाते (बीज बोते) । वहीं फसल काटते छाँव में ।। _________________________ करो परिश्रम कठिनाइ से जब तक प... »

सब पे कृपा करते हैं राम

जय श्री सीताराम ————————— सब पे कृपा करते हैं राम सबका जीवन सँवारते हैं राम जिसका न कोई संगी न साथी उसका सहायक है राम ।।1।। ———————————- जगत का आधार हैं राम सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं राम जिस मुख से राम निकले वह मुख धन्य है राम ।।2।। ——————... »

मेरे राम इतना तु कर दे मुझ पे एहसान

मेरे राम इतना तु कर दे मुझ पे एहसान कि तेरा नाम जपूँ मैं बार-बार ।।2।। ———————————————- मेरे राम इतना तु कर दे मुझ पे एहसान कि तेरा नाम जपूँ मैं बार-बार ।।1।। ———————————————— तेरे नाम बिन, मन हमें भरमाता तू जिसे म... »

जो सुख है ब्रह्मचर्य में,

जो सुख है ब्रह्मचर्य में, वो सुख नहीं है, दुनिया के झमेले में । ——————————— रीढ़ की हड्डी टूट जाती, बुढ़ापा आने से पहले . कमर की पसलिया कहती रे मूरख कामी लाठी पकड़ ले नहीं तो गिर जायेगा खूद के गड्ढ़े में ।. ——————————————- सज्जन, संत जीवन मुस्कुराकर ... »

जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम

जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम तो क्यूँ जाये हम दुसरों के द्वार — 2 —————————————— जब तेरा सानिध्य मुझे मिल ही रहा है राम तो क्यूँ जाये हम दुसरों के द्वार ।।1।। —————————————————– तेरे द्वार से ... »

किसका गुमान हैं तुम्हें

किसका गुमान हैं तुम्हें क्या जायेंगे संग तेरे -2 ——————————– किसका गुमान हैं तुम्हें क्या जायेंगे संग तेरे ।।1।। ——————————— जो कमाया है तु मर-मर के वो चुकाना पड़ेगा, तुम्हें रो-रो के एक-एक वक्त, एक-एक घड़ी का हिसाब तुम्हें देना पड़ेगा तुम्हें अपनी जिन्दगी का कर्ज चुक... »

एक दीप जलाओ ऐसा

सौ दीप जला लो मंदिरों में चाहे हजारे दीये जल तेरे आँगन में जब तक मन की तम ना होंगे दूर तब-तक है तेरे सारे दीये की रौनक सून ।। ———————————————- एक दीप जलाओ ऐसा जिससे विकार दूर हो तेरे मन का ——————————————— झूठी शरीर की रौ... »

करो परिश्रम ——

करो परिश्रम कठिनाई से, जब तक पास तुम्हारे तन है । लहरों से तुम हार मत मानो, ये बात सीखो त जब मँक्षियारा नाव चलाता, विचलित नहीं होता वह विपरित धाराओं से । लाख सुनामी चक्रवात बबंडर से टकराकर वह लक्षय को भेद जाता है । आखिर गगन की जयघोष की नारा से उसकी आँखें नम जाता है ।।1।। ————————————————– निरन्तर,... »

ITNA ACHACHA YA BURA NAHI HOON

इतना अच्छा या बुरा नहीं हूँ, जितना कि दुनिया कहती है । मैं कैसा हूँ, ये सिर्फ व सिर्फ मैं जानता हूँ ।। ———————————————– मैं खूद के सवालों के कठघड़े में सदा खड़ा रहता हूँ औरों की नजरों में, मैं क्या हूँ, ये औरों का सवाल है, मेरा नहीं, मैं क्या हूँ, ये सिर्फ व सिर्फ मैं जानता हूँ ।। ———&... »

PRAKRITI KI SHOBHA …

प्रकृति की शोभा से बढ़के कोई शोभा न होता रब तेरे जैसा यार जहां में कोई ना होता ।। ————————————————– हरिश्चन्द्र की शोभा, तु सत्य बनके आया राम बनके तुमने, सुग्रीव को उबारा सुदामा की दीन-दशा देखके, प्रभु तुमने अपना सर्वस्व मित्रता पे लूटाया ————————... »

MERA KUCH BHI NAHI HAIN

मेरा कुछ भी नहीं है, मुझमें राम सब-कुछ तेरा ही तेरा है राम बस देना साथ हमें सदा राम हम हैं तुम्हारे, तुम हो हमारे राम ।।1।। ——————————————— एक तेरा ही रूप फैला है कण-कण में राम एक तुम्हीं हो सृष्टि में सबकुछ राम व्याख्या की नहीं जा सकती तेरी महिमा की राम एक तुम्हीं हो सबकुछ राम ।।2।। ———R... »

हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन

संगीत सहित हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो भव-बंधन मेरे हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो भव-बंधन मेरे राम तुम्हीं हो भव-भय हरन वाले — 2 बार गायें काटो भव-बंधन मेरे ———————————— हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो भव-बंधन मेरे ।।1।। ————————————– गणिका उद्... »

मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे

मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम मुझे समझोगे मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम मुझे समझोगे ——————————————– मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम मुझे समझोगे ।।1।। ——————————————R... »

प्रभु राम देना साथ हमारा

प्रभु राम देना साथ हमारा हम किस मुख कहे कि, हम हैं दास तुम्हारा प्रभु राम देना साथ हमारा हम किस मुख कहे कि, हम हैं दास तुम्हारा ———————————————– प्रभु राम देना साथ हमारा हम किस मुख कहे कि, हम है दास तुम्हारा ।।1।। —————————————... »

जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर

जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर वह भजन हैं तेरे लिए अमृत तुल(तुल्य) (2 बार गाये) ————————————————————————– जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर वह भजन हैं तेरे लिए अमृत तुल(तुल्य) ।।1।। ——————... »

जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं

संगीत सहित जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं उनकी काया विकृतियों से दूर है जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं उनकी काया विकृतियों से दूर है ————————————— जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं उनकी काया विकृतियों से दूर है ।।1।। —————————————— ... »

राम, राम, राम तु रटते जा

राम, राम, राम तु रटते जा मन से मन की विकार तु हटाये जा राम से ही जन्मों का पाप धुलता राम से ही राम मिलता राम, राम, राम तु रटते जा मन से मन की विकार तु हटाये जा ।।1।। ———————————————— राम ही लगाते हैं, सभी का बेड़ा पार तेरा भी साथ देंगे रघुनाथ राम, राम तु नित-दिन सुमिरता जा कौशल्यानंदन का नाम तु हृदय से ... »

माता तुम्हीं हो जग के

जय श्री राम ———————- माता तुम्हीं हो जग के पिता है सबके राम दया करो मा जानकी हम हैं तेरी संतान —————————— माता तुम्हीं हो जग के पिता है सबके राम ।।1।। ——————————- जन्म तुम्हीं देती सभी को सभी को पालती तुम संहारिणी बनके, संहार करती राम रूप... »

राम की सृष्टि, राम की माया

जय श्री राम ———————— राम की सृष्टि, राम की माया राम का है ये जग सारा जिसने जाना मेरा यहाँ कुछ नहीं वहीं है प्रभु राम का प्यारा ।।1।। ———————————————— राम का प्यारा बन दुनिया की जरूरत क्या जब दुनिया लाठी बरसाती तब राम ही राम को बचाता है ।।2।। ——... »

जब सब नर में तुम्हीं बसे हो राम

jay shri ram जब सब नर में तुम्हीं बसे हो राम तब क्यूँ किसी को रावण बनाते हो राम और क्यूँ किसी का बेड़ा पार लगाते हो राम —————————————————- जब सब नर में तुम्हीं बसे हो राम तब क्यूँ किसी को रावण बनाते हो राम ।।1।। ————————————&#... »

अपनी किरदार निभाने ही पड़ेंगे

जय श्री राम ———————– अपनी किरदार निभाने ही पड़ेंगे जो लिखा है, वो होना ही है सब मौन ना हो सकते जहां में कुछ कोलाहल भी जरूरी है ।।1।। ——————————————— सब मौन अगर हो जाये जगत में तो ईश्वर की माया किसे नचायेगी मन किसको मोहरा बनायेगी ईश्वर कैसे खेल देखेंगे जगत के ।।2... »

इतना भी कोई गिरा न होता

जय श्री राम ——————— इतना भी कोई गिरा न होता मन पाप करता, मन डरता इसका मतलब ये नहीं कि नर नारायण ना होता ।।1।। —————————— माया तो मायापति की अर्ध्दांगनी है मन भी ईश्वर का स्वरूप है मन को मन ही साधता है तब जाके कोई भवसागर पार होता है ।।2।। ————————R... »

क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा

क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा जब हमें तुम्हारी जरूरत नहीं, हम तुम्हारे काबिल नहीं, तुम हमारे मुनासिब नहीं ।। ——————————— क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा जब हमें तुम्हारी जरूरत नहीं ।।1।। —————————————– सुना है रिश्ता बराबरी में होता लेकिन मेरा दिल अब किसी ... »

चरित्र बदलो चित्र बदल जायेगा

चरित्र बदलो चित्र बदल जायेगा ब्रह्मचर्य का पालन करो सारी सांसारिक दुःख मिट जायेगा याद उसे करो जो देता है साथ सभी का ।।1।। —————————————– सभी में उसी का स्वरूप है कोई दैत्य तो कोई साधु शरीर है ये दुनिया क्या है,, विधाता ही जाने हम सब उनके ही स्वरूप है ।।2।। ————————... »

भव-बंधन हारे

भव-बंधन हारे पार करो अब नईया मेरे तुझ से ही अब सब कुछ मेरा मुझमें नहीं रहा अब कुछ तेरा —————————– भव-बंधन हारे पार करो अब नईया मेरे ।।1।। —————————————– तुझमें समर्पित मैं, मुझमें समर्पित तुम, फिर क्यूँ मन-माया नचाती हमें —————... »

मैं सबके सामने खड़ा हूँ

मैं सबके सामने खड़ा हूँ, तुम मुझे जानने की कोशिश तो कर मैं बतला दूँगा, मैं कौन हूँ तुम मन से विकार हटा के तो देख ।।1।। ————————————— चलती राहों पे चलके पा सकते हो मुझे अंदर की आवाज को अगर ना दबाओगे तो मुझे शीघ्र ही खोज लोगे तुम मैं वहीं हूँ, जहाँ तुम हो ।।2।। —————————... »

बुरा नहीं है जग में कोई

जय श्री राम ।। —————————– बुरा नहीं है कोई जहां में हर लोग हरि-खिलौना है, सबका अपना-अपना पाठ है, सबको वही निभाना है ।। ———————————– बुरा नहीं है कोई जहां में हर लोग हरि-खिलौना है ।।1।। ————————————... »

ये दुनिया राम की है

जय श्री राम ।। ————————— घट-घट में राम बसे तन-तन में राम बसे कोई ढूँढे तो उसे सर्वत्र राम ही राम दिखे ————————————– असत् की सत्ता कितना भी जोर लगा ले मन माया जितना भी संयोग कर ले पर राम की शक्ति के आगे सब क्षीण है ये दुनिया राम की है -(2बार) ———̵... »

ये दुनिया है, साथ नहीं देती कोई किसी का

JAY SHRI RAM कहने को तो कहती है दुनिया साथ देंगे हम तुम्हारा जब काम आती है साथ देने को तब क्यूँ साथ छोड़ देती है जमाना ——————————————- ये दुनिया है, साथ नहीं देती कोई किसी का ।।1।। ————————————– चलती राहों पे चलना नरों का धर्म है लोग भौंक... »

रमता योगी बहता पानी

JAY SHRI RAM वृक्ष कबहुँ नाही फल भखे, नदी ना संचे नीर परमारथ के कारण साधुन धरा शरीर ।। ———————————————– रमता योगी बहता पानी कभी न रूकता सुनो रे भाई! जिसको जिससे मिलना है मिलकर ही रहेगा । जो मरा है अबतक उसको एक दिन जीना ही पड़ेगा ।। ——————————&#... »

परम सुख मिलेगा ब्रह्मचर्य पालन करने से

परम सुख मिलेगा ब्रह्मचर्य पालन करने से कुछ नहीं रखा है गंदे ख्यालतों में ।।1।। ————————————- अब तक जो करते आये हो गंदे काम सब छूट जायेंगे तेरे ब्रह्मचर्य पालन करने से ।।2।। ————————————— दो राहों पर कभी एक साथ नहीं चला करो मेरे दोस्त कब तक अंदर की आव... »

मा जानकी आरती

जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया सब सुख देती जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया सब सुख देती ——————————– जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया सब सुख देती ।।1।। ————————————- जनकसुता तुम राम दुलारी जय वैदेही राम की शक्ति जन्मदायिनी तुम पालनकारिणी भक्ति दो हे भक्ति माई R... »

।।ब्रह्मचर्य आरती ।।

।।ब्रह्मचर्य आरती ।। ———————– जय ब्रह्मचर्य जय ब्रह्मचारी इस व्रत में प्रभु राम करो मदद हमारी जय ब्रह्मचर्य जय ब्रह्मचारी इस व्रत में प्रभु राम करो मदद हमारी ——————————————- जय ब्रह्मचर्य जय ब्रह्मचारी इस व्रत में प्रभु राम करो मदद हमारी ।।1।। ———... »

एक दीप जलाओ ऐसा

सौ दीप जला लो मंदिरों में, चाहे हजार दीये जले तेरे आँगन में, जब-तक तेरे मन की तम ना होंगे दुर । तब-तक है तेरे सारे दीये की रौशन सुन ।। ——————————————————- एक दीप जलाओ ऐसा जिससे विकार दूर हो तेरे मन का एक दीप जलाओ ऐसा जिससे विकार दूर हो तेरे मन का ——————... »

रे! नर मन के बहकाबे में तुम कभी न बहकना

मन के बहकावे में यदि तु बहकेगा तो तेरा मानव जीवन व्यर्थ चला जायेगा ————————————————— रे! नर मन के बहकाबे में तुम कभी न बहकना इस मानव देह से तुम हरिगुण गाना रे! नर मन के बहकाबे में तुम कभी न बहकना इस मानव देह से तुम हरिगुण गाना ——————————&... »

परम सुख मिलने ब्रह्मचर्य से

ब्रह्मचर्य है तो जिन्दगी है, अन्यथा जिन्दगी दुःखों का जड़ है ।। कवि विकास कुमार »

पढ़गो तभी लिखोगो

वही रचेगा नया रचना जो पढ़ेगा किसी का रचना ————————- माना कविता लिखना होता है ईश्वरीय वरदान लेकिन कवि भी होता है एक प्रकार का हरि का खास संतान ——————————————————————- राम भक्त विकास कुमार »

उक्ति

यदि पढ़ोगो मन से किसी का कविता तो जरूर मिलेगा कुछ नया सीखने का संदेशा ————————————————— कवि सिर्फ वहीं नहीं है, जिन्हें इस धरा की शान मिली है कवि तो वो है, जिसको उसने मान दिया है ।। राम भक्त विकास कुमार »

मेरे लिए इतना काम करो मेरे दोस्त

vikashkrkamti4576@gmail.com मेरे लिए इतना काम करो मेरे दोस्त अपनी मौलिक रचना हमे EMAIL (vikashkrkamti4576@gmail.com) पर भेजो मेरे दोस्त — MOBILEमें चलती नही मेरे SAAWAAN REDEFINING POETRY APP LAPTOP में DATA की होती जाती है कमी, तो हम कैसे पढ़ पायेंगे आपकी POETRY — मेरे लिए इतना काम करो मेरे दोस्त अपनी मौलिक रचना हमे EMAIL पर भेजो मेरे दोस्त ।। — नोट- मेरे MOBILE में SAAWAAN REDE... »

राम आयेंगे तेरे द्वार

राम आयेंगे तेरे द्वार तु मन से हटा ले विकार तेरा बेडा पार लगायेंगे राम तु मन से हटा ले विकार — राम आयेंगे तेरे द्वार तु मन से हटा ले विकार — गणिका को प्रभु उबारा अहल्या को प्रभु तारा तेरा भी शरनागत करेंगे स्वीकार तु मन से हटा ले विकार — राम आयेंगे तेरे द्वार तु मन से हटा ले विकार — पतितों को पावन करते है राम भोगी को बैरागी बनाते है राम सबको अपना आसरा देकर नाथ सबका भावसागर प... »

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