अद्वितीय सेवक हैं बल बुद्धि के निधान है
अजर अमर कलयुग के प्रत्यक्ष भगवान् हैं
असुरों के काल और संत जन रखवाले हैं
श्री राम की असीम कृपा का पाया वरदान है
फिर से बेहोश है लक्ष्मण प्रभु कृपा कीजिए
संजीवनी बूटी ला कर बचाना तुम्हें प्राण है
दीन दुखियों के कलयुग में आप ही सहारा है
कुमति का निवारण कर सुमति देते हनुमान हैं
दुनिया को निगल जाए तैयार है सुरसा
बचाओ प्रभु हमको आप कलयुग में भगवान् हैं
जय हनुमान
Comments
5 responses to “जय हनुमान”
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हनुमान जयंती पर सुंदर अभिव्यक्ति
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कुमति का निवारण कर सुमति देते हनुमान है ।
सुंदर रचना । -
बेहतरीन
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हनुमान जयंती के पावन पर्व पर सुंदर रचना
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