मुल्क है हम हैं, समझ जा जमाने तू,
देश माँ है, तू बेटा है, जुट रिश्ता निभाने तू।
किसी भी हाल में भारत को हमने
सींच देना है,
जय हिंद का जेहन में सबके
गीत देना है।
जय हिंद
Comments
6 responses to “जय हिंद”
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बहुत अच्छी पंक्तियाँ
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बहुत सुंदर
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वाह , शिल्प और भाव का अद्भुत समन्वय
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देश प्रेम पर आधारित चंद्रा जी की अति उत्तम रचना
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बहुत खूब
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सुंदर
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